घर बैठे Corona जांच, immune system कैसे काम करता, corona वायरस की बारे में  कुछ जानकारियां, कौन से का वैक्सीन effectiveness जयादा है

coronavirus, इस वायरस को SARS-COV-2 भी कहते हैं। इस वायरस से होने वाली बीमारी को कोरोनावायरस डिजीज अर्थात कोविड-19 करते हैं। Corona के बारे में बताएं तो Corona के 2 हिस्से होते हैं, एक बाहरी हिस्सा होता है जिसे स्पाइक प्रोटीन(spike potein) का जाता है, और दूसरा अंदर की हिस्सा है जिसे genetic material जेनेटिक मैटेरियल कहा जाता है जो आर एन ए (RNA) का बना होता है, इसी जेनेटिक मैटेरियल के द्वारा वायरस अपना कॉपी बनाते हैं,
यह कोरोनावायरस शरीर के अंदर फेफड़ों के द्वारा ही घुस सकता है, क्योंकि फेफड़ों के सेल बहुत सेंसिटिव होते हैं। कोरोनावायरस के स्पाइक प्रोटीन सेल के रिसेप्टर से चिपक कर शरीर के अंदर चला जाता है। एक बार आकर करोना हमारे शरीर के अंदर आ जाते हैं तो वह हमारे ही रिसोर्सेज का इस्तेमाल करके अपनी कॉपी बनाना शुरु कर देते हैं। घर बैठे Corona जांच

इम्यून सिस्टम immune system कैसे काम करता है ?

जब कोरोनावायरस हमारे शरीर के अंदर खुद के कॉपियां बनाना शुरू कर देते हैं और शरीर के अंदर घूमना शुरू कर देते हैं और उसके बाद हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम उसे हानिकारक समझ लेते हैं, उसके बाद nutrofile और माइक्रो फेसेज(Microphases) मिलकर वायरस को मारना शुरू कर देते हैं। हमारे शरीर में एंटीबॉडीज होती है जो इस वायरस को मारते हैं, और इस प्रोसेस में ही हमारा तापमान थोड़ा बढ़ जाता है जिसे फीवर भी कहते हैं।

एंटीबॉडीज कैसे काम करता है ?

हमारे शरीर का एक डिफेंस का हिस्सा है एंटीबॉडीज, हमारे शरीर के अंदर कोरोनावायरस(coronavirus) स्पाइक प्रोटीन(Spike prptein) के जरिए अंदर घुसता है, यह एंटीबॉडीज  स्पाइक प्रोटीन पर जाकर चिपक जाता है और उसके बाद कोरोनावायरस हमारे शरीर के अंदर रिसेप्टर से चिपक कर अंदर नहीं घुस पाता है तथा बाहर ही वह मर जाता है।
जिनके शरीर में एंटीबॉडीज अच्छा से बनते हैं वह इस वायरस(Virus) को हराने में सफल हो जाते हैं, और दूसरी ओर जिनके एंटीबॉडीज(Antibody) कम होते हैं उन्हें ही coronavirus से बहुत ज्यादा हानि पहुंचती है। जिनके सरीर  एंटीबॉडीज(Antibody) नहीं बने पाएंगे वह इस Virus की वजह से मर सकते हैं, इसलिए कहा जाता है कि जिनके Immune system मजबूत होते हैं वह इस वायरस से जितने में सफल होते हैं।

वैक्सीन कैसे काम करती है ?

कोरोनावायरस से लड़ने के लिए हमारे शरीर में एंटीबॉडीज की अहम भूमिका होती है। यह वैक्सीन हमारे शरीर में एंटीबॉडीज बनाने में मदद करती है। कोरोनावायरस का वैक्सीन कोरोनावायरस का ही डुप्लीकेट होता है जो हमारे शरीर में दिया जाता है ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि यह वायरस की तरह ही रहता है और हमारे शरीर के अंदर जाने के बाद हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम एंटीबॉडीज बनाना शुरू कर देते हैं ताकि असली के कोरोनावायरस आने पर हमारे एंटीबॉडीज इसे मार दे।
वैक्सीन का मेन काम हमारे शरीर में एंटीबॉडीज बढ़ाना ही है, ताकि यह वायरस से लड़ पाएं।

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वैक्सिंग कैसे बनाई गई।

कोरोनावायरस के अंदर जेनेटिक मैटेरियल(Gemetic marerial) होते हैं जो RNA से बना होता है यह आर एन ए के मदद से कोरोनावायरस किसी के शरीर में घुसकर अपनी कॉपी बना लेते हैं और अपनी संख्या बढ़ा लेते हैं। वैज्ञानिकों ने कोरोनावायरस के अंदर के आर एन ए कों अच्छा से सर्वे करके उसके डुप्लीकेट को बनाकर इंजेक्शन के द्वारा हमारे बॉडी के अंदर भेजा जाता है। ताकि इसे डिटेक्ट कर के हमारे शरीर में बहुत ज्यादा मात्रा में एंटीबॉडीज बनना शुरू हो जाएगा। अभी दुनिया में कई तरह के वैक्सीन बन चुके हैं जोकि कोरोनावायरस के डुप्लीकेट के जरिए बना है जबकि भारत में बना एक वैक्सीन, भारत बायोटेक द्वारा बनाया गया वैक्सीन जिसे कोवैक्सीन कहते हैं यह अलग तरह से बना है। भारत बायोटेक द्वारा बनाया गया वैक्सीन, कोवैक्सीन कोरोनावायरस को ही उसके सभी ताकत को खत्म करके, कमजोर करके हमारे शरीर में भेजा जाता है।

कौन से वैक्सीन अच्छे हैं?

कौन से वैक्सीन अच्छे हैं और कौन से वैक्सीन खराब है यह बात की पुष्टि नहीं की जा सकती है लेकिन हम उसके एफीकेसी रेट(effectiveness) से उसके बारे में थोड़ा जान सकते हैं जिसके एफीकेसी रेट ज्यादा हो वह थोड़ा ज्यादा इफेक्टिव होंगे। कोई भी वैक्सीन खराब नहीं है किसी भी वैक्सीन का हमारे शरीर पर बहुत ज्यादा बुरा असर नहीं होता है, बहुत कम मात्रा में ही वैक्सीन के साइड इफेक्ट होते हैं इसलिए हमें वैक्सीन को जरूर लगवानी चाहिए।

वैक्सीन लगाने के बाद करोना का असर

अभी कोई भी वैक्सीन 60% से 90% ही कारगर साबित होते हैं, वैक्सीन लगाने के बाद भी करोना हो सकता है लेकिन इससे हमारे शरीर को बहुत ज्यादा हानि होने का चांस कम है। वैक्सीन लगाने के बाद लोगों के मरने का चांस नहीं रह जाता है। अगर वैक्सीन के दोनों डोज लेने के बाद भी करोना हो जाए तो वह घर पर भी ठीक हो सकते हैं कुछ दवाई से ही।

वैक्सीन के साइड इफेक्ट।

आमतौर पर इसके वैक्सीन के कोई साइड इफेक्ट नहीं होते हैं। इसके साइड इफेक्ट के चांस बहुत कम है इतना कम कि नगन्ने के बराबर है। वैक्सीन लगाने के बाद किसी-किसी को थोड़ा मोड़ा बुखार और सर दर्द भी हो सकता है लेकिन इसकी चांस बहुत कम है, और हो भी जाए तो नॉर्मल होगा जिससे हमें कोई हानि नहीं है। इसलिए हमें वैक्सीन से डरने की जरूरत नहीं है वैक्सीन सबको लगानी चाहिए।

वैक्सीन किनसब को लगाना चाहिए। घर बैठे Corona जांच

सामान्य तौर पर वैक्सीन लगाने की कोई उम्र सीमा नहीं है, अभी हमारे भारत में 45 साल से ऊपर वाले वैक्सीन को ही वैक्सीन दिया जा रहा है क्योंकि इसके पीछे कई कारण है। लेकिन सरकार अभी विचार कर रही है कि 18 साल से ऊपर वाले को भी वैक्सीन दिया जाए हमें उम्मीद है कि मई 2021 से 18 साल से ऊपर वाले को भी वैक्सीन मिलना शुरू हो जाएगा।

corona वायरस की बारे में  कुछ जानकारियां

coronavirus, इस वायरस को SARS-COV-2 भी कहते हैं। इस वायरस से होने वाली बीमारी को कोरोनावायरस डिजीज अर्थात कोविड-19 करते हैं। कोरोनावायरस 2019 में दिसंबर के पहले हफ्ते से शुरू हुई है। यह वायरस सबसे पहले चीन के वुहान शहर के सीफूड मार्केट में देखने को मिला। इस मार्केट में हर तरह के जानवरो के मीट को बेची जाती थी। कई वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वायरस चमगादड़ से निकली है, लेकिन यह इसकी 100% प्रूफ किसी के पास नहीं है।
चाइना(China) में इसके कई संक्रमण देखने को मिले उसके बाद पहली बार वहां के एक डॉक्टर Dr li wenliang hi को यह पता चला कि यह एक खतरनाक वायरस है और उन्होंने इसकी जानकारी सबको दी, फिर बाद में उन्हें अफवाह फैलाने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कुछ दिनों बाद डॉक्टर ली को भी कोरोनावायरस हो गया फिर उनकी मृत्यु हो गई।
कुछ दिनों बाद इसका केस पूरे दुनिया में फैलने लगी और इसी के साथ डब्ल्यूएचओ w h o (world health organisation) ने 11 मार्च 2020 को इस वायरस को महामारी घोषित कर दिया।

corona_virus, घर बैठे Corona जांच

घर बैठे कोरोना जांच।

corona का सिम्टम्स कुछ दिनों बाद ही पता चलता है ऐसे में कोरोना का जांच कराना आवश्यक है, इसके लिए आप हॉस्पिटल में जांच करा सकते हैं लेकिन हॉस्पिटल में बहुत ज्यादा भीड़ होने से आपको करोना से और ज्यादा खतरा हो सकता है। इसलिए इसका दूसरा उपाय यह है कि आप पल्स ऑक्सीमीटर(pulse oximeter) से भी अपना कोरोनावायरस जांच कर सकते हैं। इस मीटर को आप अपने हाथ पर लगाकर कोरोना का जांच कर सकते हैं। घर बैठे Corona जांच

coronavirus से बचने के उपाय।

कोरोनावायरस से बचने के लिए आप अपने इम्यून सिस्टम(Immune system) को मजबूत बनाएं। इसके लिए आप हेल्दी खाना, हरी सब्जियां, और सिट्रस फ्रूट इत्यादि खा सकते हैं। कम से कम स्ट्रेस ले, हमेशा हैप्पी रहें, सूरज की रोशनी के सामने रहे। आप अपने हाथ को बार बार साबुन से धोएं। मुंह पे मास्क लगाकर ही बाहर निकले और सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखें। घर बैठे Corona जांच

घर बैठे Corona जांच

भारत में अभी कुल मिलाकर तीन वैक्सीन को अप्रूवल मिल चुका है- कोविसिल्ड, कोवैक्सीन और स्पूतनिक वी है जिनमे कोविसिल्ड, कोवैक्सीन भारत के वैक्सीन है जबकि स्पूतनिक वी रसिया की वैक्सीन है।

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Posted by ROHIT KUMAR

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