COVID-19  प्राकृतिक आपदा या चीन की चाल, क्या  corona virus  सोची – समझी चाल ? WHO (world Health Organisation) की कार्यवाही, corona new news

चीन के वुहान शहर से निकला corona virus, आज भारत समेत पूरे विश्व को एक ऐसे मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां से आगे देखने पर सिर्फ अंधेरा ही अंधेरा दिखता है। इस वायरस की वजह से जहां लाखों लोगों ने अपनी जान गवा दी, वही आज करोड़ों इस से संक्रमित हैं। आज विश्व में शायद ही कोई ऐसा सहर है, जिसमें कोई इस Virus से संक्रमित ना हुआ हो या अपने प्रिय जनों को ना खोया हो। यहां सवाल यह उठता है कि क्या Covid-19 एक प्राकृतिक आपदा है या यह चीन की चाल है?
अगर आपके मन में भी इस तरह के सवाल आ रहे हो तो मैं आपको Corona Virus (corona new news) से जुड़े इन सवालों के जवाब आज के पोस्ट में दूंगा।

corona new news

 

COVID 19 – विश्व अर्थव्यवस्था के नुकसान का काला सच

एक तरफ covid महामारी ने जहां इंसानी सभ्यता को तगड़ा झटका दिया, वहीं दूसरी तरफ इसने विश्व अर्थव्यवस्था को ऐसी अंधेरी गुफा में धकेला, जहां से निकलना मुस्किल लगता है। 2020 के जनवरी-फरवरी में जब कोरोना संक्रमण के मामले पूरे विश्व भर से आने लगे तो अपने नागरिकों को बचाने के लिए सभी देशों की सरकार ने लॉकडाउन जैसे सख्त कदम उठाएं। जिस वजह से तमाम कल – कारखाने, उद्योग, shopping malls, transport, hospitality industry, health sector, tourism आदि बंद पर गए और लाखों लोगों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ा। सबसे ज्यादा मुसीबत तो उन मजदूरों को हुआ, जो रोज कमाते और खाते थे। तमाम काम धंधे बंद होने से उनकी रोजी-रोटी पर खतरा मंडराने लगा, इस वजह से वह पलायन को मजबूर हुए। देशभर में पलायन की जो दुखद तस्वीरें सामने आई, वह आज भी जेहन में कहीं ना कहीं जिंदा है।
हाल ही में Asian Development Bank (ADB) ने अपने बयान में कहा है कोविड-19 महामारी से विश्व अर्थव्यवस्था को लगभग 5800 अरब डॉलर से 8800 अरब डॉलर (5.8 trillion dollar to 8.8 trillion dollar) नुकसान हो सकता है, जो Global Economy का 6.4% से 9.7 % है,  यानी कि भारतीय अर्थव्यवस्था के 3 गुने से भी अधिक! जहां financial year 2020 to 2021 विश्व की तमाम देशों के GDP (Gross Domestic Product) growth negative थे, तो कितनी बड़ी विडंबना की बात है की दुनिया का केवल एक देश जिस की GDP Growth Positive थी, वह था चीन, यहां सोचने वाली बात यह है कि जहां विश्व भर के देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान हो रहा था तो दूसरी तरफ दुनिया को कोरोना वायरस से संक्रमित करने वाला देश चीन की अर्थव्यवस्था Grow कर रही थी। आखिर यह चमत्कार हुआ कैसे? (corona new news) सवाल तो यह भी है।

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COVID 19  चीन की सोची – समझी चाल ?

पिछले दिनों Social Media पर एक पोस्ट वायरल हुआ था, जिसके अनुसार जापान के Kyoto University के प्रोफेसर Tasuku Hanjo, जिन्होंने 2018 में Psychology और Medicine के क्षेत्र में Nobel Prize जीता था, उनका मानना है कि कोरोनावायरस कोई प्राकृतिक नहीं बल्कि मानव जनित है। इसके पीछे उनका तर्क कि दुनिया भर के देशों में अलग वातावरण और परिस्थितियां है लेकिन इसके बाद भी corona virus हर जगह समान रूप से फैल रहा है ऐसा नहीं हो सकता। क्योंकि हर Virus की अपनी एक आंतरिक बनावट होती है, और उसके विकास के लिए उसे अनुकूल वातावरण चाहिए, लेकिन कोरोनावायरस के संदर्भ में ऐसा बिल्कुल नहीं है । ऐसा तब संभव है जब मानव जनित अर्थात मानव द्वारा बनाया गया हो । इस Social Media पोस्ट के वायरल होते ही, देश और दुनिया भर में coronavirus के अस्तित्व को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे और यह सवाल जायज भी थे। यहां ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि पूरी दुनिया को coronavirus देने वाला देश चीन, इस वायरस से खुद कैसे बचा रहा ?  जबकि चीन दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है, उसके बाद भी वह दुनिया भर में coronavirus से संक्रमित लोगों के सबसे कम मामले वाले देशों में शुमार है ,”यह तो बिल्कुल वैसा ही है कि हम कचरे में कूदे और हमें कचरा भी ना लगे”।

coronavirus

 

कोरोना महामारी के पीछे के षड्यंत्र का सबूत (corona new news)

2020 के शुरुआत में, जब देश और दुनिया में कोरोना महामारी का प्रसार शुरू हुआ तो इसकी उत्पत्ति को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे थे। इसमें चीन का हाथ होने की भी बातें रह – रह कर सामने आ रही थी। हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्रालय को चीन के सैन्य वैज्ञानिकों और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों के खुफिया दस्तावेज मिले हैं, जो इस बात का संकेत देता है कि चीन के वैज्ञानिक 2015 से ही कोरोनावायरस को प्रयोगशाला में artificial तरीके से एक घातक biological weapon में बदलने की कोशिश कर रहे थे। इस दस्तावेज के सामने आने के बाद, कोरोनावायरस के प्रसार में चीनी हाथ होने के दावे कहीं ना कहीं सही होती नजर आ रही है।
इन सारी बातों से एक बात तो स्पष्ट होती है कि “ भले पूरी दाल काली ना हो , लेकिन दाल में कुछ ना कुछ काला तो जरूर है” यह काला होने की भी कई सारे सबूत हैं….

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1. चीन के वुहान शहर में छुपे कई राज

चीन के वुहान इंस्टीट्यूट आफ वायलॉजी में कई वर्षों से कोरोनावायरस पर Experiment चल रहे थे। यह प्रयोगशाला चीन के उस बाजार से केवल 16 किलोमीटर दूर है जहां से कोरोनावायरस के प्रसार का अंदेशा लगाया जाता है। बात साफ है की एक प्रयोगशाला जो Corona virus को बनाता है और उसी के नजदीक से इस वायरस का प्रसार भी होता है । इसमें चीन की चाल नहीं तो और क्या है?

2.  पहले भी इस प्रयोगशाला से लीक हो चुका है वायरस

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के दस्तावेजों के अनुसार, 2004 में वुहान की प्रयोगशाला से वायरस के लीक होने की खबर की पुष्टि हुई है। इस दस्तावेज में यह भी बताया गया है , उस वक्त 9 लोग संक्रमित हुए थे, साथ ही अमेरिकी अधिकारियों का कहना है ऐसे कई मौके थे जब इस तरह के घटनाएं चीन में घट चुके है।

3.  चमगादड़ से कैसे पहुंचा मनुष्य तक यह वायरस (corona new news)

कथित तौर पर यह कहा जाता है कि कोरोनावायरस का प्रसार मनुष्यों में चमगादड़ के द्वारा हुआ है, लेकिन कई विज्ञानी इस व्याख्या को सिरे से खारिज करते हैं। इसके पीछे उनका तर्क यह है कि कोई वायरस सीधे किसी जीव से मनुष्य में आकर इतना संक्रामक नहीं हो सकता। सवाल यह उठता है , अगर यह चमगादड़ से नहीं आया तो आया कहां से ?

4. JNN की रिपोर्ट में हुए कई खुलासे (corona new news)

JNN New Delhi के वैज्ञानिकों का मानना है कि Sarc भी जानलेवा था, लेकिन उससे जल्दी निपटना संभव हुआ क्योंकि संक्रमण क्षमता बहुत ही कम थी, लेकिन मौजूदा कोरोनावायरस के साथ ऐसा नहीं है। उनका मानना है कि किसी नए वायरस के लिए इतना संक्रामक होना संभव नहीं है , क्योंकि जिस चमगादड़ के वायरस से इसकी समानता की बात की जाती है वह वहां से 1500 किलोमीटर दूर पाया गया , तो फिर कैसे वह चीन के वुहान इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी से केवल 16 किलोमीटर की दूरी पर पाया गया । सवाल तो यह भी जायज है!

corona new news

हमने शुरुआत से ही देखा कि चीन ने कोरोनावायरस पर हमेशा दुनिया को भ्रम में रखा है और साथ ही उसने WHO (world Health Organisation) की कार्यवाही में भी विघ्न डालने का प्रयास किया है, जो इस बात के संकेत है Corona Virus के प्रसार में चीन का कहीं ना कहीं हाथ जरूर है। जिसके बाद एक बात तो साफ हो जाती है कि “दाल भले ही काला ना हो दाल में कुछ ना कुछ काला जरूर है” ।।

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posted by – Rohit kumar

Written by – Aman roy sami

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COVID 19  चीन की सोची – समझी चाल ?

पिछले दिनों Social Media पर एक पोस्ट वायरल हुआ था, जिसके अनुसार जापान के Kyoto University के प्रोफेसर Tasuku Hanjo, जिन्होंने 2018 में Psychology और Medicine के क्षेत्र में Nobel Prize जीता था, उनका मानना है कि कोरोनावायरस कोई प्राकृतिक नहीं बल्कि मानव जनित है। इसके पीछे उनका तर्क कि दुनिया भर के देशों में अलग वातावरण और परिस्थितियां है लेकिन इसके बाद भी corona virus हर जगह समान रूप से फैल रहा है ऐसा नहीं हो सकता। क्योंकि हर Virus की अपनी एक आंतरिक बनावट होती है, और उसके विकास के लिए उसे अनुकूल वातावरण चाहिए, लेकिन कोरोनावायरस के संदर्भ में ऐसा बिल्कुल नहीं है । ऐसा तब संभव है जब मानव जनित अर्थात मानव द्वारा बनाया गया हो । इस Social Media पोस्ट के वायरल होते ही, देश और दुनिया भर में coronavirus के अस्तित्व को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे और यह सवाल जायज भी थे। यहां ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि पूरी दुनिया को coronavirus देने वाला देश चीन, इस वायरस से खुद कैसे बचा रहा ?  जबकि चीन दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है, उसके बाद भी वह दुनिया भर में coronavirus से संक्रमित लोगों के सबसे कम मामले वाले देशों में शुमार है ,”यह तो बिल्कुल वैसा ही है कि हम कचरे में कूदे और हमें कचरा भी ना लगे”।

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