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कृषि को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के द्वारा किसान परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY Scheme) को शुरू किया गया है। इस योजना के माध्यम से किसान की आय में भी बढ़ोतरी हो जाएगी। किसानों को लाभ देने के लिए सरकार के द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जाती है ताकि कृषि क्षेत्र और ज्यादा से ज्यादा विकसित हो सके। इन सभी योजनाओं में से हम आपको आज परंपरागत कृषि विकास योजना के बारे में बताने जा रहे हैं।

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PKVY full form – Paramparagat Krishi Vikas Yojana, PKVY का full form हिंदी में परंपरागत कृषि विकास योजना होता है, इस योजना के माध्यम से किसानों को परंपरागत तरीके से कृषि करने के लिए जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा अगर आप किसान है या फिर आपके परिवार, आस पास में कोई भी किसान है तो इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें। क्योंकि सभी प्रकार के महत्वपूर्ण जानकारी इस पोस्ट में दी गई है। और जो भी लोग इस योजना के बारे में नहीं जानते है उन लोगों को जरूर बातें। परंपरागत कृषि विकास योजना से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी देंगे। जैसे योजना क्या होता है? इसका उद्देश्य, लाभ, विशेषताएं, पात्रता, जरूरी दस्तावेज आवेदन कैसे करें

Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2022 क्या होता है?

केंद्र सरकार के द्वारा परंपरागत कृषि विकास योजना का शुरूआत किया गया इस योजना के माध्यम से किसानों को जैविक खेती करने के लिए आर्थिक सहायता राशि दी जाती है। ताकि अधिक से अधिक किसान परंपरागत खेती के जगह पर जैविक खेती कर सके। रासायनिक जैविक खेती को कलेक्टर मोड में बढ़ावा देने के लिए 2015 से 16 में शुरू किया गया था। उसके बाद केंद्र सरकार ने इस योजना को Soil Health Yojana के रूप में शुरू की गई। लोग को बता दें कि इस योजना से किसी क्षेत्र में विकास किया जाएगा|

  • कृषि के विकास के लिए Traditional Knowledge, Modern Science के माध्यम से जैविक खेती किया जाएगा।
  • किसानों को जैविक खेती करने के लिए 3 साल यानी कि 36 महीने के लिए सरकार के द्वारा ₹50000 की आर्थिक सहायता राशि दिया जाता है।
  • जिसमें आपको प्रति हेक्टेयर जैविक कीटनाशक और गेट ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर और बीज के लिए एक 30000 हजार रुपए और मूल वर्धक सेल्स हेतु 8800 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर दिया जाता है।
  • परंपरागत कृषि विकास योजना मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना का ही एक उप घटक है। जो की National Mission Of Sustainable Agriculture के पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के मिश्रण के माध्यम से जैविक खेती का मॉडल विकास के लिए किया गया है।
  • इस योजना के माध्यम से कृषि रसायनों के उपयोग किए बिना ही जैविक प्रथाओं के माध्यम से स्वास्थ्य भोजन के उत्पादन किया जाएगा।
✅ योजना का नाम परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY Scheme)
✅ योजना के प्रकार केंद्र सरकारी योजना
✅ साल 2022
✅ आरंभ की गई भारत सरकार के द्वारा
✅ विभाग का नाम Ministry Of Agriculture And Farmers Welfare
✅ लाभार्थी देश के किसान
✅ उद्देश्य जैविक खेती को बढ़ावा देना के लिए किसानों को आर्थिक सहायता देना
✅ आर्थिक सहायता राशि 50000 हजार रुपए
✅ आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन
✅ अधिकारी वेबसाइट क्लिक हेयर
✅ हमारा वेबसाइट क्लिक हेयर
✅ Helpline Number 1800 1801 551

आइए अब परंपरागत कृषि विकास योजना का कार्यान्वयन के बारे में जानते हैं?

तीन स्तर पर Paramparagat Krishi Vikas Yojana का कार्यान्वयन होता है।

1. राष्ट्रीय स्तर कार्यान्वयन

  • प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना को Integrated Unity And Management के Farming Sale के माध्यम से माध्यम से किया जाता है। और इसके अलावा इस योजना के दिशानिर्देश को national Advisory Committee के joint director माध्यम से तैयार किया जाता है आप लोगों को बता दें कि राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना का कार्यान्वयन department of agriculture Cooperative and farmer welfare के माध्यम से किया जाता है।

2. राज्य स्तरीय कार्यान्वयन

  • Paramparagat Krishi Vikas Yojana को राज्य स्तर पर कार्य ने 1 राज्य कृषि और सहकारिता विभाग के द्वारा किया जाता है इस योजना में विभाग के द्वारा पंजीकृत क्षेत्र क्षेत्रीय प्रसिद्ध की भागीदारी के साथ इस योजना को लागू की जाती है।

3. जिला स्तरीय कार्यान्वयन

  • परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्य regional Council के माध्यम से किया जाता है। एक जिले में एक या एक से अधिक regional Council हो सकते है। जोकि societies act, public trust act, Cooperative act, Companies Act के under registered होते हैं।

परंपरागत कृषि विकास योजना के लाभ क्या है?

  • परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY Scheme) के अंतर्गत किसानों को परंपरागत खेती को छोड़कर जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • जैविक खेती करने के लिए किसानों को इस योजना के अंतर्गत प्रति हेक्टेयर पर ₹50000 3 वर्षों में दिया जाएगा।
  • इस योजना के अंतर्गत पारंपरिक ज्ञान, अनुभव और आधुनिक तकनीक के द्वारा खेती के अस्थाई मॉडल को विकसित की जाएगी।
  • किसानों को 31 हजार रुपए  प्रति हेक्टेयर 3 वर्षों के लिए जैविक उर्वरकों, कीटनाशकों और बीज खरीदने के लिए दी जाती है।
  • मूल्यवर्धन एवं वितरण के लिए ₹8800 किसानों को दी जाती है।
  • क्षमता निर्माण और कलस्टर निर्माण के लिए किसानों को ₹3000 प्रति हेक्टेयर 3 वर्षों के लिए दिया जाता है।
  • सरकार के द्वारा पिछले 4 वर्षों में इस योजना के अंतर्गत 1197 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई है।
  • इस योजना के अंतर्गत मिलने वाले किसानों को आर्थिक सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से भेजा जाता है।

Required documents and eligibility criteria of paramparagat Krishi Vikas Yojana

  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • राशन कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • मोबाइल नंबर
  • राशन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो

परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY Scheme) के अंतर्गत आवेदन कैसे किया जाता है?

  • पहले आप को परंपरागत कृषि विकास योजना के अधिकारी वेबसाइट पर जाना है।
  • उसके बाद होम पेज पर apply now के ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • आवेदन फॉर्म कब भरा जाएगा उसमें सभी जानकारी सही-सही भरण। जैसे अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, पता, आय का विवरण
  • सभी जानकारी भरने के बाद सभी जरूर documents को अपलोड करें, सबमिट के बटन पर क्लिक कर दें।।
  • आपका Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY Scheme) के अंतर्गत आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

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Posted By – Rohit kumar

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Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2022 क्या होता है?

केंद्र सरकार के द्वारा परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY Scheme) का शुरूआत किया गया इस योजना के माध्यम से किसानों को जैविक खेती करने के लिए आर्थिक सहायता राशि दी जाती है। ताकि अधिक से अधिक किसान परंपरागत खेती के जगह पर जैविक खेती कर सके। रासायनिक जैविक खेती को कलेक्टर मोड में बढ़ावा देने के लिए 2015 से 16 में शुरू किया गया था। उसके बाद केंद्र सरकार ने इस योजना को Soil Health Yojana के रूप में शुरू की गई। लोग को बता दें कि इस योजना से किसी क्षेत्र में विकास किया जाएगा|

परंपरागत कृषि विकास योजना का कार्यान्वयन कितने प्रकार में होता हैं?

तीन स्तर पर Paramparagat Krishi Vikas Yojana का कार्यान्वयन होता है।

परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत आवेदन कैसे किया जाता है?

पहले आप को परंपरागत कृषि विकास योजना के अधिकारी वेबसाइट पर जाना है।

राष्ट्रीय स्तर कार्यान्वयन क्या होता है?

प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना को Integrated Unity And Management के Farming Sale के माध्यम से माध्यम से किया जाता है। और इसके अलावा इस योजना के दिशानिर्देश को national Advisory Committee के joint director माध्यम से तैयार किया जाता है आप लोगों को बता दें कि राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना का कार्यान्वयन department of agriculture Cooperative and farmer welfare के माध्यम से किया जाता है।
 

राज्य स्तरीय कार्यान्वयन क्या होता है?

परंपरागत कृषि विकास योजना को राज्य स्तर पर कार्य ने 1 राज्य कृषि और सहकारिता विभाग के द्वारा किया जाता है इस योजना में विभाग के द्वारा पंजीकृत क्षेत्र क्षेत्रीय प्रसिद्ध की भागीदारी के साथ इस योजना को लागू की जाती है।

जिला स्तरीय कार्यान्वयन क्या होता है?

Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY Scheme) के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्य regional Council के माध्यम से किया जाता है। एक जिले में एक या एक से अधिक regional Council हो सकते है। जोकि societies act, public trust act, Cooperative act, Companies Act के under registered होते हैं।

इस योजना में कितनी राशी दिया जाता है?

जैविक खेती करने के लिए किसानों को इस योजना के अंतर्गत प्रति हेक्टेयर पर ₹50000 3 वर्षों में दिया जाएगा।

PKVY का full form क्या होता है ?

pkvy full form – Paramparagat Krishi Vikas Yojana

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